Saturday, February 25, 2017

‘मोदी नोटबंदी योजना’ से किन-किन का शुरू हुआ स्वर्णिम युग ? 

currency-exchange‘मोदी नोटबंदी योजना’ से किन-किन का शुरू हुआ स्वर्णिम युग ?

देश में मोटे तोर पर ‘मोदी नोटबंदी योजना’ पूरी हो चुकी है. इस ‘मोदी नोटबंदी योजना’ के अच्छे व बुरे परिणाम धीरे-धीरे सब के सामने आते जायेंगे. इस योजना से देश को क्या मिला या क्या मिलेगा, यह तो समय ही बताएगा  लेकिन देश की कुछ व्यवसायिक व गेर-व्यवसायिक बिरादरिया (ग्रुप) ऐसी है जिनका स्वर्णिम युग ‘योजना’ के साथ ही प्रारम्भ हो गया था और कुछ का बाद में प्रारम्भ हुआ.

हालाकि कुछ मामलों ( जेसे- जेवेलर्स  ) में यह समय ही बताएगा कि उनका यह स्वर्णिमयुग  रहा या आफत का क्योकि इन जेवेलर्स व उनके ग्राहकों दोनों पक्षों की  गहराई से जांच होनी है.

इस बात को समझने के लिए इन व्यवसायिक व गेर-व्यवसायिक बिरादरियो  (ग्रुप) को दो भागो में बांटना होगा. पहले वो लोग है जिसका स्वर्णिम युग ‘मोदी नोटबंदी योजना’ के साथ ही शुरू हुआ और ‘मोदी नोटबंदी योजना’ के साथ ही समाप्त हो गया. दूसरे वो लोग है जिसका स्वर्णिम युग ‘मोदी नोटबंदी योजना’ के साथ ही या बाद में शुरू हुआ और लम्बे समय तक जारी रहेगा. हकीकत में नोट-बंदी की रात से ही कुछ लोगो का स्वर्णिम युग प्रारम्भ हो गया था तथा कुछ लोगो के लिए कई बरसो तक यह स्वर्णिम युग रहेगा.

ऐसे लोग जिनका स्वर्णिम युग नोट बंदी योजना के साथ ही समाप्त हो गया –

> नोट बदलने के धंधे में लगे बैंक कर्मी /Bankers (इमानदार लोगो को छोड़कर)

> नोट बदलने के धंधे में लगा निजी सहकारी बैंको (Private Co-operative Banks) का उच्च  प्रबंध  (कुछ इमानदार लोगो को छोड़कर) व उनसे जुडी सहकारी समितिया (Credit Co-operative Societies)

> नोट बदलने के धंधे में लगे दलाल (Brokers),

> दूसरो के लिए नोट बदलने के लिए लाइन में लगने वाले लोग (Liners),

> नोट बदलने के लिए अपने बैंक खाते / खातो को बेचने या किराए पर देने वाले लोग.

> हवाला कारोबारी.

> नए-पुराने नोटों की तस्करी में संलिप्त लोग (Carriers).

ऐसे लोग जिनका स्वर्णिम युग नोट बंदी योजना के बाद भी जारी रहेगा –

> सीए व वकीलों सहित सभी तरह के आयकर सलाहकार जो जमा कराये गए नोटों के सम्बन्ध में तथा / अथवा आयकर सर्च-सर्वे के लिए, आयकर की प्लानिंग करेंगे तथा आयकर विभाग में प्रतिनिधित्व करेंगे. आने वाले लम्बे समय तक ऐसी गतिविधिया चलेगी तथा हजारो-लाखो केस बनेंगे.

> आयकर-कर्मी (इमानदार लोगो को छोड़कर) जो जमा कराये गए नोटों व आयकर सर्च-सर्वे से सम्बंधित आय का आंकलन करने में सम्मिलित होंगे.

> पुलिस, सीबीआई ईडी व किसी भी सरकारी एजेंसी के लोग (इमानदार लोगो को छोड़कर) जिनकी पकड़ / नजर में नए या पुराने नोट आयेंगे तथा इन मामलों से जुड़े फोजदारी वकील आदि जो नोट छुड़वाने व जमानत दिलवाने में सहयोग करेंगे.

> उपरोक्त वर्णित आयकर-कर्मी, पुलिस, सीबीआई ईडी व इन मामलों से जुडी सरकारी एजेंसी के लोगो पर प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से नियंत्रण रखने वाले या इन्हें प्रभावित करने वाले बड़े लोग (इमानदार लोगो को छोड़कर).

 

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