Thursday, August 30, 2018

सुमेरपुर की सफलता का रहस्य – व्यवस्थित ट्रांसपोर्टेशन व्यवस्था है.  

राजस्थान के पाली जिले का एक छोटा मात्र 30000 की आबादी वाला लेकिन महत्वपूर्ण शहर सुमेरपुर लम्बे समय से एक सफल वाणिज्यिक शहर रहा है  व आज भी राजस्थान का ही नहीं बल्कि भारत का आर्थिक रूप से सफल व अनुकरणीय शहर है. यहाँ कि नगरपालिका भी पिछले कई वर्षो से उच्च श्रेणी की नगरपालिका रही है.

सुमेरपुर की सफलता यहाँ के सफल व्यापारिक गतिविधियों में निहित है तथा यहाँ का व्यापार की सफलता का श्रेय यहाँ के व्यापारियों की उद्ध्यमशीलता से भी कही ज्यादा यहाँ के ट्रांसपोर्टेशन सिस्टम को जाता है. वर्तमान में सुमेरपुर क्षेत्र  में लगभग 3000 से भी ज्यादा ऑटो रिक्शा, 2000 से भी ज्यादा  छोटे गुड्स वाहन (गुड्स ऑटो रिक्शा आदि) तथा 2000 से भी ज्यादा ट्रक व ट्रोले है.

पिछले कई वर्षो से सुमेरपुर से पश्चिम में बाड़मेर, उतर-पश्चिम में जोधपुर, उतर में अजमेर , पूर्व में उदयपुर तथा दक्षिण में पूरा गुजरात बॉर्डर क्षेत्र के विभिन्न शहरों व गाँवों के लिए बसों के जेसे अपने-अपने रूट पर देनिक ट्रक चलते है जो बहुत कम भाड़े में माल को लाते –  लेजाते है. समय के साथ साथ आजकल  छोटे गुड्स वाहन का नियमित रूटों पर चलने से ट्रांसपोर्टेशन सिस्टम में ओर निखार आ गया है. सुमेरपुर सेवा क्षेत्र के किसी भी दूकानदार को ज्यादा माल स्टॉक रखने आवश्यकता ही नहीं होती है और न ही सुमेरपुर आकर खरीददारी करने की. कितना भी छोटा या बड़ा आर्डर हो, 12 से 18 घंटो में गाव की दूकान पर डिलीवरी हो जाती है तथा लोटते में, छोटी से छोटी मात्रा में सुमेरपुर मंडी  के लिए कृषि जींस आ जाती है जो अपने गंतव्य की दूकान पर डिलीवर हो जाती है. वाहन के साथ ही माल का आर्डर व पेमेंट आ जाता है तथा उसी वाहन में माल की डिलीवरी भी हो जाती है.

पिछले कुछ वर्षो से छोटे गुड्स वाहन से 12 से भी कम घंटो में यानिकि कुछ ही घंटो में एक-एक गाव को माल मिल जाता है. अब तो एक-एक दूकानदार को अकेले लिए छोटे गुड्स वाहन उपलब्ध हो जाते है. मजे की बात तो यह कि है कि इन छोटे गुड्स वाहन का भी सबका अपना रूट व एरिया तय रहता है. छोटे दो नंबर का व्यवसाय करने वालो के लिए तो ये छोटे वाहन अपने माल को बड़ी आसानी से गंतव्य  तक पहुचा देते है क्योकि साइज़ छोटी होने से किसी भी ग्रामीण या शोर्ट-कट रूट से वाहन आराम से निकल जाता है.

सुमेरपुर से 20 किलोमीटर के दायरे में आने वाले सभी गावो में ऑटो रिक्शा ने सभी बसों  को फ़ैल करके रख दिया है तथा बसे लगभग बंद सी है. सुमेरपुर एरिया का प्रत्येक गाव लगभग 12 घंटे सूरज की रोशनी में सुमेरपुर से लाइव वाहन व्यवस्था से जुड़ा रहता है, कभी भी घर से निकालो  ऑटो रिक्शा तेयार मिलता है जो भरने का इन्तजार किये बिना 1-2 सवारी लेकर रवाना हो जाता है. प्रत्येक गाव में अच्छी संख्या में ऑटो रिक्शा उपलब्ध होने से 24 घंटे रेलवे स्टेशन तक पहुच व स्थानीय 100 किलोमीटर के दायरे भ्रमण को भी इन ऑटो रिक्शा ने सुगम बना रखा है. सुमेरपुर एरिया के ऑटो रिक्शा की बनावट भी काफी खुबसूरत होती है जो उनकी समृद्धि को बयां करती है. प्रत्येक ऑटो रिक्शा न्यूनतम शुद्ध 500/ रू. प्रति दिन कमा ही लेता है . यहाँ के ऑटो रिक्शा आवाश्यकता अनुसार गुड्स ऑटो रिक्शा का भी काम कर लेते है.

अन्य पहलू – यहाँ के सफल ट्रांसपोर्टेशन सिस्टम के अलावा सुमेरपुर में स्थित राजस्थान की ‘अ’ श्रेणी की कृषि मंडी, सुमेरपुर का ही जुड़वा शहर शिवगंज, शिवगंज का कपड़ा व फैंसी मार्केट तथा सुमेरपुर क्षेत्र की जीवन रेखा जवाई-बाँध आदि का भी सुमेरपुर की सफलता में बड़ा योगदान है.

नकारात्मक पहलू – सुमेरपुर में कार्यरत ट्रक यूनियन यहाँ के व्यापार की सबसे बड़ी दुखती रग है. बड़ी लाइन बनने से पहले यहाँ का जवाई बांध इस क्षेत्र का सबसे बड़ा रेलवे स्टेशन था जो बड़ी लाइन होने बाद फालना से बहुत ज्यादा पिछड़ गया. इसके पीछे भी फालना का सफल ट्रांसपोर्टेशन सिस्टम व राजनीतिक प्रतिनिधित्व है. वेसे तो फलना भी सुमेरपुर क्षेत्र का ही भाग है जो  सुमेरपुर से मात्र 25 किलोमीटर ही दूर है. सरकारी गलत नीतियों के कारण सुमेरपुर का व्यापार बड़े स्तर पर मिलावट व करचोरी की गिरफ्त में आ चुका है – सुमेरपुर से मुकेश कुमार सुथार 

sumerpur-transportation-system

Related Post

Add a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

आदर्श क्रेडिट कोपरेटिव सोसाइटी द्वारा प्रकाशित ‘सदस्यों हेतु सूचना’ पर ‘नया भारत पार्टी’ ने उठाये प्रश्न ही प्रश्न.

आदर्श क्रेडिट कोपरेटिव सोसाइटी द्वारा प्रकाशित ‘सदस्यों हेतु सूचन�...

आदर्श क्रेडिट कोपरेटिव सोसाइटी द्वारा प्रकाशित ‘सदस्यों हेतु सूचना’ पर ‘नया भारत पार्टी’ ने उठाये प्रश्न ही प्रश्न.  आदर्श मोदी ग्रुप (Adarsh Modi Group) ...

SiteLock