Tuesday, April 25, 2017

नोटबंदी आधारित सर्च-सर्वे ने ली एक व्यापारी की जान लेकिन सिरोही (राजस्थान) में व्यापारी दबाव में नहीं आया (आयकर सर्च भाग–6) 

नोटबंदी आधारित सर्च-सर्वे ने ली एक व्यापारी की जान लेकिन  सिरोही (राजस्थान) में व्यापारी दबाव में नहीं आया (आयकर सर्च भाग–6)

 

काले धन के उजागर करने के लिए भारत सरकार की एक के बाद एक फ़ैल होती योजनाओं के बाद नोट बंदी की योजना आई. उसके बाद कालेधन को सफ़ेद करने के लिए प्रधान मंत्री गरीब कल्याण योजना लाई गयी जिसको भी आशा अनुरूप सफलता नहीं मिल रही थी. लेकिन सरकार ने इसे अपनी प्रतिष्ठा का प्रश्न बना लिया है और इसे  येन-केन-प्रकारेन सफल करने के लिए पूरे देश में एक साथ हजारो सर्च, सर्वे व सम्मन जारी करने वाली दबाव की कार्यवाहिया की जा रही है जो कि अभी 31.03.2017 तक जारी रहेगी. ऐसी दबाव पूर्ण कार्यवाहियों में पेट्रोल पंप व इ-मित्र को भी नहीं बख्शा गया जिन्होंने नोट बंदी में सरकार का पूरा पूरा साथ दिया था.

ऐसी ही दबावपूर्ण कार्यवाहियों के चलते आगरा में एक करदाता की मौत हो गयी जिसकी अमर उजाला दैनिक में प्रकाशित खबर हुबहू प्रस्तुत की जा रही है –

आयकर सर्वे के सदमे से कारोबारी ने दम तोड़ा

वेलेन्टीनो ब्रांड और गुरूटेक शूज के मालिक मोतीलाल दौलतानी की शुक्रवार को सर्वे के दौरान बिगड़ी तबियत

अमर उजाला ब्यूरो – आगरा : जूता निर्यातक और घरेलु बाजार में वेलेन्टीनो ब्रांड की जूता इकाई गुरूटेक शूज पर शुक्रवार को आयकर सर्वे किया गया था. शाम को कंपनी के मालिक मोतीलाल दौलतानी की तबियत बिगड़ गयी. आयकर अधिकारियों ने उनकी तबियत को खराब होने को बहाना माना और हॉस्पिटल भेजने में देरी कर दी. उनके बेटे को सर्वे से उनके साथ नहीं जाने दिया गया. मोतीलाल दौलतानी  को पास के ‘जग्गी नर्सिंग होम’ ले जाया गया, वहा से उन्हें लोटस हॉस्पिटल भेज दिया गया. रात में ही उनकी मौत हो गयी. परिजनों का आरोप है कि मौत की खबर पाकर भी असंवेदनशील आयकर अधिकारी  इसे बहाना बताते रहे. फतेहाबाद रोड के शोरूम से उनके बेटे को भी नहीं जाने दिया. सर्वे के दोरान कारोबारी को धमकाने, दुर्व्यवहार की रिकॉर्डिंग भी जब्त कर आयकर अधिकारी ले गए.  सुबह 3.30 बजे सर्वे ख़त्म किया गया.

रात में हॉस्पिटल में कराया गया भर्ती, रात में ही मौत, कारोबार जगत में शोक, अफसरों के खिलाफ आक्रोश

 

आयकर सर्वे में हमारे साथ हद दर्जे की बदतमीजी और हाथापाई तक की गयी. यह उत्पीडन का मामला है, जिससे पिताजी को सदमा लगा है. हम लोग संस्कार करने के बाद कार्यवाही करेंगे. उत्पीडन के खिलाफ चुप नहीं रहेंगे – चंद्रप्रकाश दोलतानी (पुत्र)

जबरा मारे, रोने भी ना दे

यह पहला मौक़ा नहीं है, जब आयकर अधिकारियों ने सर्वे में उत्पीडन और दबाव डाला हो. इससे पहले भी आधा दर्जन जूता निर्यातको पर आयकर अधिकारी ऐसे आरोपों के घेरे में आ चुके है. जबरन सरेंडर करवाने के लिए रात भर दबाव डालते रहे. यही नहीं, गुप्ता ओवरसीज, विरोला शूज पर भी तीन तीन दिन तक सरेंडर के लिए दबाव डाला गया. 31 मार्च से पहले टारगेट पूरा करने को बीते सालो में निर्यातको, ज्वेल्लेर्स का उत्पीडन करने में लगते रहे, लेकिन यह पहला मौका है जब नोट बंदी के बाद टारगेट पहले से ही पूरे हो गए, लेकिन इस बार प्रधान मंत्री गरीब कल्याण योजना का लक्ष्य पूरा करने के लिए जबरन सरेंडर का दबाव डाला गया और सदमे में कारोबारी की मौत हो गई.

 

राजस्थान में भी – इस सर्वे से बहुत बड़ी एक राजस्थान में प्रदेश स्तरीय सर्च की कार्यवाही में भी सिरोही के शराब व्यवसायी को भी विभाग के अधिकारी येन-केन-प्रकारेन उदयपुर ले जाना चाह रहे थे लेकिन ले जाने से पहले मेडिकल चेक-अप की मांग पर उसका मेडिकल चेक-अप कराने की छुट दी गयी लेकिन मामले की गंभीरता देखते हुए महेंद्र टाक को उसी वक्त हॉस्पिटल में भर्ती करा लिया गया. उसके बाद भी करदाता को उस हॉस्पिटल से भी हटाने का भरसक प्रयास किया गया लेकिन इस कानूनी रूप से जागृत कारोबारी के भारी विरोध के कारण, उसे हॉस्पिटल से नहीं हटाया जा सका.

कल्पना करे, यदि आगरा की तरह सिरोही में भी करदाता आयकर विभाग के दबाव में आ जाता, तो कोई भी गंभीर दुर्घटना हो सकती थी लेकिन सिरोही में करदाता अपनी जागरूकता से उसे फर्स्ट ऐड तत्काल मिल गयी.

  • Kailash Chandra Moondra (कैलाश चंद्रा मूंदड़ा)

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