Thursday, December 29, 2016

‘कैशलेस’ के लिए ‘मोदी नोटबंदी’ लाई गयी या ‘मोदी नोटबंदी’ के लिए ‘कैशलेस’ ? 

‘कैशलेस’ के लिए ‘मोदी नोटबंदी’ लाई गयी या ‘मोदी नोटबंदी’ के लिए ‘कैशलेस’ ?

आजकल पूरी मोदी सरकार नोटबंदी का नाम ही नहीं लेती. हां जरूर टीवी व अखबारों में जबरदस्ती से पूछे गए सवालों के जवाब अवश्य देखने को मिलते है. लेकिन नोटबंदी के चलते अचानक मोदी सरकार द्वारा कैशलेस – कैशलेस की रट लगाए हुए है. अत: अब प्रश्न यह उठ रहा है कि ‘कैशलेस’ के लिए ‘मोदी नोटबंदी’ लायी गयी है या ‘मोदी नोटबंदी’ के लिए ‘कैशलेस’ की रट लगाईं जा रही है या यह मात्र विषय का भटकाव (विषयांतर) है.

जहा तक ‘कैशलेस’ का सम्बन्ध है, मोदी सरकार उसे मोदी नोटबंदी से पहले ही लेकर आ चुकी थी जो कि ‘डिजीटल इंडिया’ कार्यक्रम का हिस्सा है. अत: ‘कैशलेस’ का ‘मोदी नोटबंदी’ से कोई सम्बन्ध नहीं था. फिर अचानक, ‘कैशलेस’  मोदी नोटबंदी  पर क्यों हावी हो रही है ? क्यों सरकार करोड़ो रूपया ‘कैशलेस’  को प्रमोट व प्रचारित करने पर खर्च कर रही है ? यहाँ तक की लॉटरी के जरिये इनाम बांटे जा रहे है आदि आदि.

जहा तक  ‘मोदी नोटबंदी’ का प्रश्न है, यह योजना ‘डिजीटल इंडिया (कैशलेस)’ योजना के बाद लायी गयी है.  08.11.2016 को ‘मोदी नोटबंदी योजना’ के लिए जारी की गयी रिज़र्व बैंक की विज्ञप्ति में मोदी नोटबंदी योजना के उद्देश्यों में ‘डिजीटल इंडिया (कैशलेस)’ का नामोनिशान तक नहीं था फिर भी अब कैशलेस – कैशलेस के गुणगान हो रहे है. स्वयं वित्त मंत्री ने मोदी नोटबंदी का उद्देश्य ‘कैशलेस’ को भी बताया जो कि काल्पनिक बात मात्र है.

भारतीय राजनीति का एक सर्व स्वीकृत मन्त्र है कि भारतीय जनता की याददाश्त बहुत ही छोटी व कमजोर है, अत: जनता को भटकाना राजनेताओं के लिए कोई खास बात नहीं होती बशर्ते उनके पास अपने झूटी या सही बात जनता के गले में उतारने की मोदी जी जेसी वाकपटुता / दक्षता हो.  ‘कैशलेस’ के मामले में भी कुछ ऐसा ही हुआ. जब मोदी सरकार की मोदी नोटबंदी योजना असफलता की ओर  बढ़ने लगी तो नकदी की कमी से लड़ने के लिए मोदी जी ने कैशलेस – कैशलेस का जाप चालू कर दिया, जिससे सब को लगने भी लगा कि ‘कैशलेस’ व्यवहार में बुराई भी क्या है, मोदी जी सही कह रहे है. लेकिन सत्यता यह कि ‘मोदी नोटबंदी योजना’ की सफलता के लिए ‘कैशलेस’ को एक साधन बनाया गया, जिसको बहुत देरी से प्रोमोट किया गया.  

लेकिन क्या ‘मोदी नोटबंदी’ योजना ‘डिजीटल इंडिया (कैशलेस)’ को प्रमोट करने लिए लाई गयी थी ? जवाब है – नहीं . बल्कि जेसे तेसे ‘मोदी नोटबंदी योजना’ को पार लगाने के लिए ‘कैशलेस’ को आगे कर ‘मोदी नोटबंदी योजना’ की वास्तविक उद्देश्यों को एक तरफ रखकर अब सिर्फ विषयांतर कर देश की सवासो करोड़ भाई-बहनों की भुलक्कड़ प्रवृति से फ़ायदा उठाकर सरकार की प्रतिष्ठा को बचाने का मात्र प्रयास किया जा रहा है.

लेखक : सीए. के. सी. मूंदड़ा

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