Friday, September 6, 2019

कैपिटल गेन्स (प्रॉपर्टी) आय से सम्बंधित प्रावधान, बजट-2017 में (भाग-3)  

कैपिटल गेन्स (प्रॉपर्टी) आय से सम्बंधित प्रावधान, बजट-2017 में (भाग-3)

‘न्यूज़ क्लब’ ने बीड़ा उठाया है कि सरल भाषा में संक्षिप्त रूप से भारत सरकार के वितीय  बजट – 2017 के आम करदाता से जुड़े आयकर प्रावधानो को सभी पाठको के लिए प्रस्तुत किया जाए. इस श्रंखला का भाग -1 व 2  प्रकाशित हो चुके  है. आज विशेष रूप से बजट में कैपिटल गेन्स (प्रॉपर्टी) आय से सम्बंधित प्रावधान का विशेष रूप से जिक्र करेंगे . साथ ही अन्य आय से सम्बंधित प्रावधान व छूट व पेनल्टीसम्बंधित प्रावधान के लिए   सम्बंधित लिंक पर क्लिक करके  पूर्व प्रकाशित कुछ अन्य प्रावधान भी पढ़ सकेंगे. बाके बचे हुए प्रावधानों पर भी अगले एक-दो दिन में चर्चा की जायेगी.

परिवृतित व नए  प्रावधान काफी ज्यादा है, अत: सरलता से समझने व पढ़ने के लिए के लिए सभी प्रावधानों को निम्न कुछ बिन्दुओ में बांटा गया है जिनको बारी बारी से सभी पाठक पढ़ सकेंगे –

    1. वेतन से आय सम्बंधित प्रावधान (यहाँ पर क्लिक करके पढ़ सकते है)
    2. हाउस प्रॉपर्टी आय से आय सम्बंधित प्रावधान
    3. बिज़नस इनकम से सम्बंधित प्रावधान (यहाँ पर क्लिक करके पढ़ सकते है)
    4. कैपिटल गेन्स आय से सम्बंधित प्रावधान (यही नीचे पढ़े)
    5. अन्य स्रोतों से आय सम्बंधित प्रावधान
    6. इनकम टैक्स रेट्स व साधारण छूटो से से सम्बंधित प्रावधान (यहाँ पर क्लिक करके पढ़ सकते है)
    7. पेनल्टी व अन्य गंभीर प्रावधान (यहाँ पर क्लिक करके पढ़ सकते है)

कंपनियो, विदेशियों व कई कई मामलों का विवेचन यहां नहीं किया जा रहा है क्योकि उनमे आम करदाता के काम की बात नहीं है. लेखो की श्रंखला के इस भाग में आज कैपिटल गेन्स (प्रॉपर्टी) आय से सम्बंधित प्रावधान, पर विस्तृत  तुलनात्मक चर्चा  करेंगे. वेतन से आय सम्बंधित प्रावधान (यहाँ पर क्लिक करके पढ़ सकते है),  बिज़नस इनकम से सम्बंधित प्रावधान (यहाँ पर क्लिक करके पढ़ सकते है),  इनकम टैक्स रेट्स व साधारण छूटो से  सम्बंधित प्रावधान,  पेनल्टी  व  अन्य गंभीर प्रावधान  ऊपर दिए गए लिंक पर क्लिक करके पढ़ सकते है  –

कैपिटल गेन्स (प्रॉपर्टी) आय से सम्बंधित प्रावधान

धारा वर्तमान प्रावधान नया प्रावधान
2(42A) शेयर्स को छोड़कर अन्य सभी सम्पतियो की तीन साल से कम होल्डिंग पर उसे शोर्ट टर्म कैपिटल सम्पति माना जाता था. जमीन व भवन के लिए लैंड के लिए इस न्यूनतम तीन साल से होल्डिंग को घटाकर 2 साल कर दिया गया है जिससे अब दो साल की होल्डिंग के बाद उसे लॉन्ग टर्म कैपिटल सम्पति माना जाएगा इससे करदाता को फ़ायदा होगा.
2(42A) preference shares के इक्विटी शेयर में बदलने पर इक्विटी शेयर  होल्डिंग बदलने की तारीख से मानी जा रही थी जो कि एक  विवादित मामला था. अब preference shares के इक्विटी शेयर में बदलने (Transfer) पर इक्विटी शेयर  की होल्डिंग की तारीख वो ही मानी जायेगी जो preference shares के खरीदने की तारीख थी. इससे करदाता को फ़ायदा होगा.
45 यदि कोई जमीन या बिल्डिंग किसी विशेष अग्रीमेंट (डेवेलोपेर्स अग्रीमेंट) के तहत ट्रान्सफर करता था तो जिस वर्ष में उसके हिस्से का माल बिकता, उस वर्ष में कैपिटल गेन की आय पर tax लगता था. यदि कोई जमीन या बिल्डिंग किसी विशेष अग्रीमेंट (डेवेलोपेर्स अग्रीमेंट) के तहत ट्रान्सफर करता है  तो जिस वर्ष में अग्रीमेंट के तहत बिल्डिंग का निर्माण पूरा हो जाएगा, करदाता के हिस्से पर उस वर्ष की स्टाम्प ड्यूटी वैल्यू पर, उस वर्ष में कैपिटल गेन की आय पर बिना माल बेचे ही tax लगेगा.
47 नया प्रावधान preference shares का इक्विटी shares में conversion को अब ट्रान्सफर नहीं माना जाएगा जिससे conversion पर किसी तरह के कोई कैपिटल पर tax देय नहीं होगा.
49 कुछ नये प्रावधान कई कैपिटल एसेट्स जेसे equity share , reference share , unit or units in a consolidated plan of a mutual fund scheme , transfer of specified capital asset received under the Land Pooling Scheme covered under the Andhra Pradesh Capital City Land Pooling Scheme (Formulation and Implementation) Rules, 2015 made under the provisions of Andhra Pradesh Capital Region Development Authority Act, 2014 आदि की लागत के सम्बन्ध में कई नए प्रावधान लाये गए है.
50CA नया प्रावधान अनलिस्टेड shares के ट्रान्सफर पर कैपिटल गेन की गणना के लिए सरकारी फोर्मुले से fair market वैल्यू  की गणना की जायेगी.
54EC कैपिटल गेन का National Highways Authority of India या  Rural Electrification Corporation Limited के बांड्स में निवेश पर छूट मिलती थी, अब सरकार किसी अन्य बांड्स को भी इस प्रयोजन के लिए नोटिफाई कर सकेगी.
55 01.04.1981 से पहले खरीदी गयी  पुरानी  कैपिटल एसेट्स (सम्पतियो) की लागत  01.04.1981 की fair market वैल्यू मानी जाती थी जिस पर इंडेक्स की गणना की जाती थी. अब इस कट-ऑफ तारीख (date) को 01.04.2001 कर दिया गया है.
194IB नया प्रावधान यदि कोई भी व्यक्ति (Individual) या HUF किसी भी व्यक्ति को रू. 50,000/- मासिक किराये से ज्यादा भुगतान करता है तो ऐसे प्रत्येक व्यक्ति (Individual) या HUF को 5% दर से TDS की कटोती कर TDS जमा कराना होगा.
194IC नया प्रावधान यदि कोई भी व्यक्ति किसी भी व्यक्ति को किसी प्रॉपर्टी से बेचान से सम्बंधित किसी अग्रीमेंट के लिए किसी भी राशि का भुगतान करता है तो उस राशि पर 10% की दर से TDS की कटोती TDS जमा कराना होगा. कोई न्यूनतम सीमा नहीं रखी गयी है.
    1. वेतन से आय सम्बंधित प्रावधान (यहाँ पर क्लिक करके पढ़ सकते है)
    2. हाउस प्रॉपर्टी आय से आय सम्बंधित प्रावधान
    3. बिज़नस इनकम से सम्बंधित प्रावधान (यहाँ पर क्लिक करके पढ़ सकते है)
    4. कैपिटल गेन्स आय से सम्बंधित प्रावधान (यही ऊपर पढ़े)
    5. अन्य स्रोतों से आय सम्बंधित प्रावधान
    6. इनकम टैक्स रेट्स व साधारण छूटो से से सम्बंधित प्रावधान (यहाँ पर क्लिक करके पढ़ सकते है)
    7. पेनल्टी व अन्य गंभीर प्रावधान (यहाँ पर क्लिक करके पढ़ सकते है)

लेखक : सीए. के.सी. मूंदड़ा

Union Budget-1

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